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Saturday, July 24, 2021

7:06 PM

इबादत


 
इबादत
                             इबादत


कुछ घाटा और कुछ नफा हो जानें दो ।

इश्क़ में बरबाद एक दफा हो जानें दो ।।


मैं हर पल हर घड़ी उसकी इबादत में हूँ ,

ख़ुदा ख़ैर करें ज़माने को खफा हो जानें दो ।


जब तसव्वुर में ही हो जाए बोझिल पलकें ,

फिर ये छुवन ये नशा ये वफ़ा हो जानें दो ।


जो घुल न सकीं उसकी रगों में वफाएं ,

तो उसे मत रोको बेवफ़ा हो जानें दो ।।...


By seema hurkat



Monday, August 26, 2019

10:15 AM

Love poems_shayari on love

         
Dastaan
दास्तां

          दास्तां

रोज होती है मेरी खुद से लड़ाई,
जीत जाती है मुझसे मेरी तन्हाई,
कल धड़कनों ने की थी ज़िद,
थम जाने के लिए,
कितने ख्वाब दिखलाएं
फिर बहलाने के लिए
पूछो ना जो हो रही रुसवाई,
रोज होती है मेरी खुद से लड़ाई........,
         By Seema Hurkat

Friday, August 23, 2019

7:12 AM

Mehboob


    नाउम्मीद

प्यार दिया ,जज्बा दिया,
आरजू दिए, जुस्तजू दिए,
बंदगी दी वो जिंदगी दी,
कि महबूब की धड़कनों में जिए,
लबालब जब हर शय दिया या रब,
तो दो पंख भी दिए होते,
तनहाई ,वीरानी, गम ,जुदाई,
आंसू और तड़प तेरी जहां में नहीं होते ।.......
                By Seema Hurkat
                    

Tuesday, August 13, 2019

7:23 PM

Naummid...



        नाउम्मीद

तस्वीर थी तेरी जिस आईने पर,
उसे तोड़ दी है,
कभी तू साथ भी होगा,
उम्मीद ही छोड़ दी है ।.....

एक ख्वाब था कच्चा सा,
एक झूठ था सच्चा सा,
नशा था वहम था,
कुछ इश्क़ का पागलपन था,
छुटा बादलों का साथ,
धूप ओढ़ ली है
कभी तू साथ भी होगा
उम्मीद ही छोड़ दी है.....

हर लम्हा इंतेजार हुआ,
हर लम्हा बेकरार हुआ,
हर पल की तन्हाई में,
दिल मेरा बेइख़्तियार हुआ,
तन्हा सांसे,तन्हा कदम,
राह ही मोड़ ली है,
कभी तू साथ भी होगा,
उम्मीद ही छोड़ दी है....
      By Seema Hurkat

Sunday, August 11, 2019

7:54 PM

Ahsaan


    एहसान

हाँ, तुम मुझे प्यार करते हो,
जैसे एक एहसान करते हो ।....

खुमारी की किसी घड़ी में
किया था वादा कभी,
कभी ना साथ छोड़ने का ,
हाँ, तुम साथ रहते हो,
जैसे कोई एहसान करते हो।....

मेरी बेचैनी, मेरी तकलीफ़,
मेरी तन्हाई, मेरे दर्द,
जान के अनजान रहते हो,
हाँ, तुम मेरी परवाह करते हो,
जैसे एक एहसान करते हो।....

काट छांट जो रह जाते है,
जरूरत से रिश्ते निभाते है,
बचा कर नही बचे पल देते है,
हाँ, तुम मुझे वक़्त देते हो,
जैसे एक एहसान करते हो ।.....
        By Seema Hurkat

Saturday, August 10, 2019

12:25 AM

Tere sath...

       
             
 Chalna chahu tere sath
Tere sath
             तेरे साथ....
पत्ते झड़ गए पेड़ों से,झरे पत्तों पर,
चलना चाहूँ मैं तेरे साथ....

कभी तू आगे कभी मैं पीछे,गिरते पड़ते,
कदमों से कदम मिलाना चाहूँ मैं तेरे साथ....

ना मैं तेरी आसमाँ, ना तू मेरा है समुंदर,
फिर भी जम के बरसना चाहूँ मैं तेरे साथ....

ख़्वाबों का एक मंज़र है,चटके हुए शीशे में,
हर अक्स मे संवरना चाहूँ मैं तेरे साथ....

तेरा रिश्ता है मेरे अश्कों से, मेरा रिश्ता है तेरे दर्द से,
बेनाम से इस रिश्ते मे बंधना चाहूँ मैं तेरे साथ...
                       By Seema Hurkat



Thursday, August 8, 2019

3:17 AM

Tanha



       

                      हिंदी शायरी 

हिंदी शायरी शायरी की एक जाने जानी-मानी विधा है । जब मन बहुत खुश हो, जब मन बहुत दुखी हूं ,जब मन उत्साहित हो , जब मन वात्सल्य से भरा हो , जब मन क्रोध से भरा हो ,एक शायर के दिल से हिंदी शायरी निकलती है हिंदी शायर के कलम से हिंदी शायरी का उद्भव होता है एक शायर अपनी तमाम अभिव्यक्ति अपने शायरी पर डाल देता है हिंदी शायरी का जन्म होता है हिंदी शायरी में कई जाने-माने शायर हुए हैं । विश्व के अन्य साहित्य की भांति हिंदी साहित्य का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है।  मैं आप लोगों के सामने अपनी हिंदी शायरी की एक छोटी सी कोशिश लेकर आई हूं , आशा है आप सभी को पसंद आएगा । मैं कोशिश करूंगी कि आप सभी को आपके पसंद की हर तरह की हिंदी शायरी पेश करू धन्यवाद।



माँ मैं खुद को तन्हा पाता हूँ...



लेन देन की इस दुनिया मे,
रिश्तों का फर्ज़ निभाता हूँ,
है भीड़ बहुत पर तुम बिन,
माँ मै खुद को तन्हा पाता हूँ ।

तेरी दुनिया मै ही मैं,
तू आगे पीछे दौड़ लगाती थी,
खुद खाली कभी आधा पेट,
पर मुझे भर पेट खिलाती थी,
खाता हूँ जीने के लिए,
स्वाद न वो पाता हूँ,
माँ मै खुद को तन्हा पाता हूँ।.....

मेरे हँसते रोते आँसू,
तकलीफ़ बयां कर देती थी,
छिपाता था जो खुद से भी,
तुम वो ख़ामोशी पढ़ लेती थी,
अब कोई समझ न पाता है,
रोता हूँ ,चिल्लाता हूँ,
माँ मैं खुद को तन्हा पाता हूँ।......

हाहाकार मचा अंतस मे,
वो सुकन कहाँ से लाऊँ,
गोद मैं तेरे सिर रख कर,
लोरी मैं पा जाऊँ,
सजल नयन, द्रवित ह्रदय,
दर्द सहेजे हँसता हूँ,
माँ, मै खुद को तन्हा पाता हूँ।
मै खुद को तन्हा पाता हूँ।।...
          by Seema Hurkat




Thursday, June 6, 2019

12:37 AM

Hindi-love-shayri

       
               
Hindi-love-shayri
Hindi-love-shayri

                         हिंदी शायरी 

हिंदी शायरी शायरी की एक जाने जानी-मानी विधा है । जब मन बहुत खुश हो, जब मन बहुत दुखी हूं ,जब मन उत्साहित हो , जब मन वात्सल्य से भरा हो , जब मन क्रोध से भरा हो ,एक शायर के दिल से हिंदी शायरी निकलती है हिंदी शायर के कलम से हिंदी शायरी का उद्भव होता है एक शायर अपनी तमाम अभिव्यक्ति अपने शायरी पर डाल देता है हिंदी शायरी का जन्म होता है हिंदी शायरी में कई जाने-माने शायर हुए हैं । विश्व के अन्य साहित्य की भांति हिंदी साहित्य का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है।  मैं आप लोगों के सामने अपनी हिंदी शायरी की एक छोटी सी कोशिश लेकर आई हूं , आशा है आप सभी को पसंद आएगा । मैं कोशिश करूंगी कि आप सभी को आपके पसंद की हर तरह की हििंदी शायरी पेश करू धन्यवाद
   महबूब
बेसबब ही बिताया शबेरोज़ उल्फत मे,
ना आशिकी मिली ना माशूका,
नफरत की नजर से मांगा है वादा,
सूरत भी ना देखुँँ उसके घर का।
......................By Seema Hurkat